इराक में क्रैश अमेरिकी विमान के 4 क्रू मेंबर्स की मौत; ईरान के साथ युद्ध के बीच US को मिडिल ईस्ट में बड़ा झटका, जानें कैसे गिरा
Four of Six Crew Members Killed in Crash of US Refuelling Plane in Iraq
US KC-135 Aircraft Crash: ईरान के साथ जारी युद्ध के बीच अमेरिका को मिडिल ईस्ट में बहुत बड़ा नुकसान हुआ है। ईरान के खिलाफ 'ऑपरेशन एपिक फ्यूरी' में शामिल अमेरिका का एक मिलिट्री विमान पश्चिमी इराक में क्रैश हो गया। यह US का KC-135 रिफ्यूलिंग एयरक्राफ्ट था। वहीं अब अमेरिकी सेना ने पुष्टि कर दी है कि इराक में क्रैश इस अमेरिकी विमान में 6 क्रू मेंबर्स मौजूद थे। विमान क्रैश में 4 क्रू मेंबर्स की मौत हो गई है, जबकि 2 अन्य क्रू मेंबर्स के बचाव में अभियान चलाया जा रहा है। बता दें कि अमेरिकी सैन्य विमान KC-135 एक एयर रिफ्यूलिंग एयरक्राफ्ट है। जिसका इस्तेमाल हवा में ही दूसरे सैन्य विमानों में ईंधन भरने के लिए किया जाता है।
Four Confirmed Deceased in Loss of U.S. KC-135 Over Iraq
TAMPA, Fla. – At approximately 2 pm ET on March 12, a U.S. KC-135 refueling aircraft went down in western Iraq. Four of six crew members on board the aircraft have been confirmed deceased as rescue efforts continue.
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दुश्मन के हमले से नहीं गिरा विमान
अमेरिकी सेना ने यह स्पष्ट किया है कि यह नुकसान किसी दुश्मन के हमले या फ्रेंडली फायर की वजह से नहीं हुआ है। इससे पहले US सेंट्रल कमांड की ओर से KC-135 रिफ्यूलिंग एयरक्राफ्ट के नुकसान की जानकारी देते हुए बताया गया था, ''यह घटना 'ऑपरेशन एपिक फ्यूरी' के दौरान फ्रेंडली एयरस्पेस में हुई। इस घटना के दौरान दो एयरक्राफ्ट शामिल थे। एक एयरक्राफ्ट पश्चिमी इराक में गिर गया और दूसरा सुरक्षित रूप से लैंड हो गया। अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने ज़ोर देकर यह कहा था कि यह दुश्मन की फायरिंग या फ्रेंडली फायरिंग की वजह से नहीं हुआ.'' यानि अमेरिकी KC-135 विमान तकनीकी कारणों से दुर्घटनाग्रस्त हुआ बताया जा रहा है। विमान क्रैश के कारणों की जांच की जा रही है।
इस समूह ने कहा- हमने मार गिराया
एक तरफ अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने यह स्पष्ट कर दिया है कि KC-135 एयर रिफ्यूलिंग एयरक्राफ्ट तकनीकी वजह से इराक में गिर गया। वो किसी दुशमन के हमले का शिकार नहीं हुआ। लेकिन दूसरी तरफ कथित तौर से ईरान से जुड़े एक समूह ने अमेरिका के इस विमान को गिराए जाने की ज़िम्मेदारी ली है। दावा किया जा रहा है कि इस अमेरिकी मिलिट्री विमान को ईरान समर्थित इस्लामिक रेसिस्टेंस ग्रुप ने मार गिराया। हालांकि अमेरिका ने कहा है कि यह घटना दुश्मन की गोलीबारी की वजह से नहीं हुई।
ईरान युद्ध में अब तक 4 सैन्य विमान खो चुका US
गौरतलब है कि KC-135 एयर रिफ्यूलिंग एयरक्राफ्ट मिडिल ईस्ट में ईरान के साथ जारी युद्ध के दौरान खोया गया कम से कम चौथा अमेरिकी सैन्य विमान है। इससे पहले युद्ध की शुरुआत में अमेरिका ने कुवैत में अपने 3 सैन्य लड़ाकू विमान F-15 खो दिए थे। दरअसल कुवैती सेना ने ही गलती से तीन अमेरिकी F-15 लड़ाकू विमानों को मार गिराया था। अमेरिका ने बयान जारी कहा था कि कुवैत एयरस्पेस में ईरानी हमलों को रोकने के दौरान कुवैती एयर डिफेंस सिस्टम ने गलती से अमेरिकी F-15 लड़ाकू विमानों को मार गिराया। यह एक फ्रेंडली फाइट थी। हालांकि इस दौरान चालक दल के सभी छह सदस्य विमान से सुरक्षित बाहर निकलने में सफल रहे थे।
ईरान युद्ध में 11 अमेरिकी सैनिक मारे गए
ईरान के साथ युद्ध शुरू करने पर अमेरिका जो सोच रहा था वैसा हुआ नहीं। ईरान को कमतर आंकना अमेरिका की चूक रही। अब हालत यह है कि अगर अमेरिका इजरायल के साथ मिलकर ईरान में तबाही मचा रहा है तो वहीं ईरान भी जवाबी कार्रवाई में इजरायल और खाड़ी देशों पर लगातार घातक मिसाइलें और ड्रोन बरसा रहा है। ईरान ने खाड़ी देशों में अमेरिकी ठिकानों को पूरी तरह से निशाना बनाया है। जिससे ईरान के साथ युद्ध में अब तक अमेरिका भी काफी कुछ खो चुका है। ईरान खाड़ी देशों पर लगातार मिसाइलें बरसा और स्ट्रेट ऑफ हॉर्मूज में तेल की आपूर्ति रोकने की धमकी देकर अमेरिका पर दबाव बनाने में जुटा है। ईरान युद्ध के दौरान अब तक 11 अमेरिकी सैनिक मारे गए हैं। वहीं जंग में लगभग 140-150 अमेरिकी सैनिक घायल हैं, जिनमें से कई गंभीर रूप से घायल हैं।
जंग में अब तक 1500 से ज्यादा लोगों की मौत
28 फरवरी से शुरू हुए ईरान और 'अमेरिका-इजरायल' जंग में अब तक 1500 से ज्यादा लोगों (आम लोग और सैनिक) की मौत हो चुकी है और करीब 2000 से अधिक लोग घायल हैं। ईरान में मरने वालों की संख्या सबसे ज्यादा है, जिसमें बच्चे भी शामिल हैं। ईरान सुप्रीम लीडर खामेनेई के साथ-साथ कई ईरानी शीर्ष कमांडर और नेता भी मारे गए हैं। साथ ही इस संघर्ष में ईरान में बड़ी संख्या में घर और बुनियादी सार्वजनिक ढांचे भी नष्ट हुए हैं। जबकि इरानी हमलों में इजरायल के अलावा यूएई, बहरीन, क़तर, कुवैत जैसे खाड़ी देशों का भी व्यापक नुकसान हुआ है.